भक्त श्री दानी जी द्वारा पूछे गए भक्ति के मुख्य प्रश्न

 भक्त राज श्री दानी जी द्वारा पूछे गए प्रश्न की ओम नमः शिवाय एवं नमः शिवाय में किया अंतर है तो इसका उतर यह है कि ॐ का अर्थ मतलब पूरे ब्रह्मांड से है यानी ॐ में सारे देव तथा देवियों का निहित निवास है परंतु नमः शिवाय का तात्पर्य केवल आदि शक्ति शिव  से है जिससे आप शिव को नमन या प्रणाम यानी वेक्तिगत शिव प्रणाम अभिवादन से है आगे इसीकि चर्चा करें तो पता चलता है की शिव आदि काल से गुरु रूप में जाने जा रहे है और ॐ नमः शिवाय का जाप करने का अभिप्राय यह है कि शिव को परमपिता परमेश्वर के रूप इनकी आदि काल से शिव भक्तों द्वारा शिव पूजे जा रहे हैं जबकि शिव परमात्मा,और शिव गुरु एक ही शक्ति के दो रूप प्रतीत होते हैं इसलिए शिव भक्त या शिव शिस्यों द्वारा इनमे कोई भेद भाव नहीं करना चाहिए जय शिव ॐ नमः शिवाय,नमः शिवाय 

विस्तृत जानकारी के शिव महापुराण का नित्य पाठ करें आपके सारे समस्यें का हल स्वतः हो जायेंगे जय शिव ॐ नमः शिवाय,नमः शिवाय 

शिव विरोधी या शिव भक्त विरोधी भूल से न बने अन्यथा परिणाम भयंकर होगा इसीलिए कहा भी गया है

शिव भक्त श्री दानी जी द्वारा कहे गए अनमोल बच्चन:-

शिव द्रोही मआम दास कहा ए सो नर सपनो सूख नही भावे


संत सताए तीन गए धर्म ,अर्थ, और बंश पीछे मुड़कर देख लो रावण, कौरव, कंस इसलिए भूल बस भी धर्म विमुख न हों जय शिव, ॐ नमः शिवाय,नमः शिवाय , जय शिव श्वयंभु 


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