धर्म का जय हो अधर्म का नाश हो प्राणियों में सद्भावना हो विश्व का कल्याण हो
जब जब धरती पर पाप बढ़ता तो पाप की शक्तियों का नाश करने के लिए प्रभु का अवतार होता है और पाप के शक्तियों का नष्ट कर पुनः धर्म की स्थापना कर प्रभु अपने धाम पधार जाते हैं तो इसी नाम पर बोले जय श्री राम